English word meaning, General competition, #Vocabulary.Part.1

English word meaning, General competition,
#Vocabulary.Part.1_Nasir_Sultan_Sb_Academy

By M Nasir Sir
www.nssacademy.in

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• a - ए

• ability - योग्यता

• able - योग्य

• about - के बारे में

• above - ऊपर

• absence - अनुपस्थिति

• absolutely - पूर्ण रूप से

• abuse - गाली

• accept - स्वीकार करना

[ ] access - पहुंच

• accident - दुर्घटना

• account - लेखा

• accurate - शुद्ध

• acquire - अधिग्रहण

• across - भर में

• act - अधिनियम

• action - कार्य

• actually - वास्तव में

• add - जोड़ना

[ ] addition - इसके अलावा

• address - पता

• admit - स्वीकार करना

• advantage - फायदा

• advice - सलाह

• affair - मामला

• afford - बर्दाश्त

• afraid - डरा हुआ

• after - बाद

• afternoon - दोपहर

[ ] again - फिर

• against - विरुद्ध

• age - आयु

• agent - एजेंट

• aggravation - उत्तेजना

• ago - पूर्व

• agree - इस बात से सहमत

• agreement - समझौता

• ahead - आगे

• airport - हवाई अड्डा

[ ] alarm - अलार्म

• alcohol - शराब

• alive - ज़िंदा

• …

मेरे सपनों का भारत : India of my dreams




मेरे सपनों का भारत India of my dreams

जो लोग भारत में जन्म - ग्रहण करते हैं वे धन्य हैं । देवता लोग भी उनका कीर्तिमान करते । . . हैं क्योंकि भारतवर्ष ही ऐसी भूमि है जहाँ जन्म ग्रहण करके ही स्वर्ग या अपवर्ग प्राप्त किया जाता है । देवताओं को भी अपवर्ग प्राप्त करने के लिए इस भारत में ही आना पड़ेगा । अतएव भारतवासी | स्वर्ग के देवताओं से भी अधिक शक्तिशाली है ।

मेरे सपनों का भारत सारे जहाँ से अच्छा होगा , देश की खण्डता का प्रश्न नहीं होगा । देश पूर्णरूपेण अखण्ड होगा । पंजाब के आतंकवादियों द्वारा निर्दोष लोगों की हत्याएँ नहीं होगी और न अलगाववादी नीति ही होगी । गोरखालैंड , असम - समस्या , झारखण्ड मुक्ति मोर्चा एवं | सम्प्रदायिकता को उभारने वाले तत्व नहीं रहेंगे ।


वह भारत ऐसा भारत होगा जहाँ राम जन्मभूमि को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं होगा । गणतंत्र जैसे पवित्र राष्ट्रीय पर्व का बहिष्कार की घोषणा करने वाला शहाबुद्दीन जैसा कोई राष्ट्रद्रोही नहीं होगा । देश में एक राष्ट्रभाषा होगी । संविधान को छठवीं अनुसूची में जितनी मर्यादा को मान्यता दी गई है उनके साथ किसी तरह का पक्षपात नहीं किया जाएगा ।

मेरे सपनों के स्वर्णिम भारत में आदमी इतना मजबूर नहीं होगा जो बेइन्साफियों को झेलते हुए जानवर बन जाए या बइन्तहा कष्टा को झेल कर खण्डहर बन जाए।

कोई भी व्यक्ति अनाचार विद्रषता एवं अभाव से बोझिल जिन्दगी नहीं व्यतीत करेगा । देश में न तो बेलछीकाण्ड , अरवल काण्ड जैसी जघन्य हत्याएँ होंगी और न परस्पर किसी तरह का द्वेष ही रहेगा । किसी भी भारतवासी का जीवन समस्याओं एवं दुर्दशाओं से ग्रस्त नहीं रहेगा । अधनंगे , भूखे , हजारों को | संख्या में रोग - ग्रस्त , गरीबी और परवशता की जंजीरों में जकड़ा कोई भी भारतवासी नहीं होगा । निराशा और वेदना में आहें भरने वाला कोई भी नहीं होगा ।

मेरे सपनों का भारत पूर्णत : धर्म निरपेक्ष रहेगा , मंदिरों , गुरुद्वारों गिरजाघरों को असामाजिक तत्त्वों का सूचना केन्द्र नहीं बनने दिया जाएगा । ' मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर करना ' का नारा तो दिया ही जाएगा । लेकिन आज की तरह मात्र दूरदर्शन एवं रेडियो के द्वारा ही नहीं , उसका । प्रचार - प्रसार वायवीय नहीं होगा , देश की धरती पर होगा । जहाँ तक जान - माल की रक्षा का प्रश्न है मेरे सपनों के भारत में इसकी पूरी सुरक्षा की जायेगी । नेता , मंत्री और प्रधानमंत्री की ही सुरक्षा । का प्रबन्ध नहीं किया जायेगा , बल्कि देश के आम आदमी को भी जान माल का भय नहीं रहेगा ।

आज की तरह लाचारों और बेबसी का अजूबा बनकर रह रहे इन्सान की परेशानी मेरे सपनों के भारत की नहीं होगी । आज बस , ' ट्रेन , जलयान एवं वायुयान की सवारी असुरक्षित बन गई है । आज इन्सान के पास लाचारी के सिवा और कुछ नहीं है । उसकी जिन्दगी केले का पेड़ है ; बेराद की जैसी - तैसी जिन्दगी जी रहे लोगों की आस्था प्रजातंत्र से उठ गई है । तोड़म फोड़म शहादतनामा के धुन्ध से जनतंत्र का नक्शा आज धुंन्धला होता जा रहा है ।

मेरे सपनों के भाव में ऐसा कुछ भी नहीं होगा ।
मेरे सपनों के भारत में तस्कर व्यापारियों का नाम भी नहीं रहेगा
और न नेताओं , मंत्रियों का उन्हें संरक्षण की प्राप्त होगा । समाज में आप्त व्याप्त कुंठा , हिंसा , घात - प्रतिघात के अभाव नहीं रहेंगे । प्रशासनिक एवं वैचारिक स्तर पर जो व्याप्त भ्रष्टाचार है , नहीं रहेगा । आज की असमानता भी नहीं रहेगी ।

मेरे सपनों के भारत का युवा वर्ग सृजनात्मक धाराओं से जुड़ा होगा , - बेरोजगारी की समस्या नहीं होगी
। वे असामाजिक कार्यों में नहीं जुड़ेंगे , और न अफीम , गाँजा , तम्बाकू , चरस , हेरोईन का इस्तेमाल ही करेंगे । सत्ता लोलुप नेताओं का बस युवकों पर नहीं चलेगा । बेरोजगारों को रोजगार देने की पूरी व्यवस्था रहेगी ।

मेरे सपनों के भारत में असली हीरे का सही मूल्यांकन किया जायेगा , विदूषक तत्त्वों की जगह सही लोगों को पद्म विभूषित एवं भारत रत्न की उपाधि दी जाएगी । उपेक्षा एवं वेदना की न दुहरी मार से दर - दर भटकने वाले पाण्डव की तरह कोई भी न मिलेगा । किसी भी प्राणी का जीवन निष्प्रयोजन नहीं होगा ।


मेरे सपनों के भारत में विकास कार्य मात्र कागजी प्राक्कलनों पर नहीं होगा , बल्कि धरती  पर होगा । सरकारी विभागों के पदाधिकारियों का घपला बन्द कर दिया जायेगा । किसी भी - निर्माणाधीन योजना की राशि का बन्दरबाँट नहीं होगा । सरकारी सवारियों में रियायती दर से मंत्री ही यात्रा करेंगे , उनके सम्बन्धी या चेले चाटी नहीं । ऐसा ही होगा मेरे सपनों का भारत , जहाँ सरकारी विद्यालयों , महाविद्यालयों में युवक - युवतियाँ फैशन परेड के लिए नहीं , पढ़ने के लिए - जाएँगी । सरकारी अस्पतालों में कुत्ते , स्यार की जगह आदमी रहेंगे और पेट दर्द होने पर दर्द का इलाज किया जायेगा न कि बन्ध्याकरण ।

आज भारत में अपहरण की सैकड़ों घटनाएँ नित्य ही घट रही हैं । चाहे युवक हो चाहे युवती , | बच्चा हो या बूढा , किसी का भी अपहरण किसी भी क्षण हो सकता है । मेरी कल्पना में जो भारत का चित्र है , उस भारत में ऐसी जघन्य घटनाएँ नहीं होगी । दहेज दानवी के कारण आज न जाने हमारे समाज की कितनी क्षति हो रही है । मेरे सपनों के भारत में वैवाहिक सम्बन्ध मुफ्त ही स्थापित हो जायेंगे । किसी नवबन्धु की हत्या , या आत्महत्या दहेज के अभाव में नहीं होगी । राजस्थान की ' रूप कुँवर ' जैसी विधवाओं को अब सती होने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा ।

मैं जैसा चाहता हूँ वैसे भारत में संसद से जनता का सीधा सम्बन्ध कायम होगा । देश की राजधानी दिल्ली में ही बिजली के रंगीन लटू नहीं जगमगायेंगे बल्कि सारे देश में खुशहाली की रोशनी रहेगी । विधानसभा लोकसभा में चप्पल , कुर्सियाँ नहीं चलेगी , लोग गरिमामय पद्धति से देश को विकसित करने की योजनाएँ बनायेंगे । मंत्री नेतागण झूठे आवश्वासन नहीं देंगे । अपनी सेवा करने के पूर्व देश की सेवा करेंगे ।

मेरे सपनों के भारत में बोफोर्स जैसा कोई काण्ड नहीं होगा । खाली कुटीर उद्योग , पशुपालन , मुर्गी पालन , कृषि , दस्तकारी जैसे उद्योग धन्धों का प्रसार किया जायेगा । वैसी ही शिक्षा युवकों | को दी जायेगी , जिससे वे अपनी रोटी का व्यवस्था कर सकें ।
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India of my dreams India of my dreams

Those who take birth in India are blessed. Gods also used to record them. . . Because India is the only land where heaven or heaven is attained by taking birth. The deities also have to come to this India only to receive the exclusion. Therefore, Indians. More powerful than the gods of heaven.

Wherever India is better than my dreams, there will be no question of the divisiveness of the country. The country will be completely unbroken. There will be no killing of innocent people by the terrorists of Punjab and there will be no separatist policy. Gorkhaland, Assam - Problem, Jharkhand Mukti Morcha and | The elements that promote communalism will no longer be there.


That India will be an India where there will be no dispute about Ram Janmabhoomi. There will be no traitor like Shahabuddin announcing the boycott of a holy national festival like the Republic. There will be a national language in the country. There will be no partiality with the dignity recognized in the Sixth Schedule to the Constitution.

In the golden India of my dreams, a man will not be so compelled to become an animal withstand the Bainsafi or become a ruin after suffering a lot of pain.

No person will spend a life burdened with incest, disorder and lack. There will neither be heinous murders like the Belchikand, Arwal scandal nor any kind of malice in the country. The life of any Indian will not be plagued by problems and plight. Half-naked, hungry, thousands. No Indian will be caught in the number of diseases, poverty and poverty. There will be no one to sigh in despair and anguish.

India of my dreams will remain completely secular, temples, gurudwaras and churches will not be allowed to become information centers of anti-social elements. The slogan of 'religion does not teach, hating each other' will be given. But like today, not only through Doordarshan and radio, its. The propagation will not be pneumatic, it will be on the land of the country. As far as the protection of life and property is concerned, it will be fully protected in the India of my dreams. Protection of leader, minister and prime minister only. Will not be managed, but even the common man of the country will not have fear of life or property.

Like today, the problem of human being living by helplessness and helplessness will not be the problem of India of my dreams. Today bus, 'train, ship and airplane rides have become unsafe. Today, humans have nothing but helplessness. His life is a banana tree; Like the Berad - the faith of the people who are living their life is lost from democracy. Today, the map of democracy is getting murky due to the haze of break-up.

Nothing like this will happen in my dream house.
In my dream India, there will be no name of traffickers merchants and neither leaders nor ministers will get protection. There will be no lack of frustration, violence, ambush and rebellion in the society. The corruption that is prevalent at the administrative and ideological level will not remain. Today's inequality will also be no more.

The youth of India of my dreams will be connected with creative currents - there will be no problem of unemployment. They will not engage in anti-social activities, nor will they use opium, ganja, tobacco, charas, heroin. The power leaders will not run on the youth. There will be complete arrangement to provide employment to the unemployed.

In my dream India, real diamonds will be evaluated properly, instead of the elements of jester, the right people will be awarded the title of Padma Vibhushan and Bharat Ratna. No one will be found like Pandavas wandering from rate to rate due to neglect and pain. The life of any creature will not be fruitless.


Development work in my dream India will not be on paper estimates only, but on earth. The bungling of officials of government departments will be stopped. The amount of any under-construction scheme will not be monitored. Ministers will travel at a subsidized rate in government rides, not their relatives or disciples. The same will happen in the India of my dreams, where youths in government schools, colleges - young men will go to read, not for the fashion parade. Dogs will remain in place of dogs, cows in government hospitals, and in the case of stomach ache, the pain will be treated, not sterilization.

Today, hundreds of kidnapping incidents are happening in India. Whether you are a young woman or a girl, Be it a child or an old man, anyone can be kidnapped at any moment. In my imagination, which is a picture of India, there will not be such heinous incidents in that India. Today, do not know how much damage is being done to our society due to dowry. In my dream India, marital relations will be established for free. The murder, or suicide of a newcomer will not happen in the absence of dowry. Widows like 'Roop Kunwar' of Rajasthan will no longer be forced to become sati.

In India, the people will have a direct relationship with the Parliament as I want. In the capital of the country, Delhi will not only illuminate the colorful colored lights, but there will be a light of happiness in the whole country. Slippers, chairs will not work in Vidhan Sabha, people will make plans to develop the country in a dignified way. Minister leaders will not give false assurances. Will serve the country before serving him.

There will be no case like Bofors in my dream India. Empty industries like empty cottage industry, animal husbandry, poultry, agriculture, handicrafts will be spread. Similar education youths. Will be given to them, so that they can arrange their bread.

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